विहिप राम मंदिर बनाए तो शिवसेना देगी साथ: संजय राउत
सोमवार को शिवसेना नेता ने भाजपा पर निशाना साधा कि हमने चुनाव में कभी राम मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन, जो लोग ऐसा करते रहे हैं, उन्हें इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। केंद्र व प्रदेश में बहुमत वाली सरकार होने के बाद भी मंदिर निर्माण का अध्यादेश लाने में देरी क्यों हो रही है? मंदिर निर्माण का एकमात्र समाधान अध्यादेश है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण मुद्दा वर्ष 2019 में ही सुलझ जाना चाहिए, ताकि इसके बाद किसी राजनीतिक पार्टी के लिए राम मंदिर और बाबरी मस्जिद एजेंडा न रह जाए। राम मंदिर कोई जुमला नहीं है बल्कि राष्ट्रीय अस्तित्व का सवाल है। भाजपा के पास अब कोई बहाना नहीं बचा है।
रैली नहीं, जन संवाद करेंगे ठाकरे
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे को विहिप की संत सभा के समानांतर न होने का स्पष्टीकरण देते हुए राउत ने कहा कि रैली नहीं है, वरन संतों से आशीर्वाद लिया जाएगा। उद्धव ठाकरे 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे और 25 नवंबर तक रहेंगे। इस बीच महंत नृत्य गोपाल दास की मौजूदगी में सरयू आरती होगी और 25 को सुबह नौ बजे राम लला के दर्शन करेंगे। इसके बाद गुलाब बाड़ी में जनसंवाद होगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र व अन्य स्थानों से भी शिवसैनिकों के अयोध्या पहुंचने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री से मिलेंगे
राउत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय द्वारा शिवसेना की अचानक बढ़ी सक्रियता पर उठाए गए प्रश्न पर टिप्पणी से इन्कार करते हुए कहा कि हम कोई विवाद नहीं राम मंदिर चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या में दहशत जैसा माहौल नहीं है। वह बाबरी मस्जिद के पक्षकार अंसारी से मिल चुके हैं, किसी को डरने की जरूरत नहीं। मंदिर निर्माण को लेकर मंगलवार को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उद्धव ठाकरे के दौरे पर भी चर्चा करेंगे।

























