Sunday, 11 September 2016

दलितों से ज्यादा मराठाओं ने किया एट्रोसिटी का गलत इस्तेमाल- आठवले

पुणे- दलितों पर हो रहे हमलों को लेकर एट्रोसिटी कानून तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इस एक्ट का गलत इस्तेमाल दलित लोगों से ज्यादा सवर्णों द्वारा किया जाता है। यह कहना है केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले का। आठवले पुणे श्रमिक पत्रकार संघ द्वारा आयोजित चर्चा में बोल रहे थे। और क्या बोले आठवले.....


-आठवले ने कहा कि, इस कानून को रद्द नहीं किया जा सकता, लेकिन इसमें बदलाव जरूर किया जा सकता है।
-सन 1989 में सभी दलों के और जातियों के सांसदों ने यह कानून पारित किया है।  इसलिए इस कानून का कितना भी विरोध हो उसे रद्द नहीं जा सकता।
-कोपर्डी कांड के सभी आरोपी दलित थे। उन सभी आरोपियों को जेल भिजवाने के लिए रिपब्लिकन पार्टी आॅफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने ही प्रयास किया था।
- लेकिन जो लोग इस कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं उन्हें अपने भीतर झांकना चाहिए।
-पंचायतों में जब कोई दलित उम्मीदवार सरपंच बनता है तो विपक्ष के लोग उस पर हल्लाबोल करते हैं।एेसे ही लोग इस तरह की मांग कर रहे हैं।
-आगे आठवले ने कहा कि सरकार द्वारा आंतरजातिय विवाह को प्रोत्साहन देने पर पर एेसी शादियां करने वालों की संख्या बढ़ेगी।
-महाराष्ट्र में मराठा और दलित समाज एक होने पर बड़ा बदलाव हो सकता है। 

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