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Monday, 31 October 2016

अजित पवार ने राज को फिरौती मांगने वाला बताया, CM ने विवादों पर दी सफाई


पुणे: फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' के मुद्दे पर सुलह करवा विवादों में घिरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अब अपनी सफाई दी है। वहीं इस मुद्दे पर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें फिरौती मांगने वाला बताया है। क्या कहा अजित पवार ने ...

- अजित पवार ने राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि, कि जिस प्रकार से डरा धमकाकर फिल्म निर्माता करन जौहर से पैसे लिए गए और 5 करोड़ रुपये आर्मी वेलफेयर फंड में देने का तय होने के बाद मामला लटका दिया गया, उससे शक होता है कि कहीं राज ठाकरे ने फिरौती मांगने का काम तो नहीं किया है।
- "जब से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अस्तित्व में आई है। उस दिन से इसने आजतक किसी भी विषय को अंजाम तक ले जाने का काम नहीं किया है।"
- "जब हमारी सरकार थी, तब वो पुणे मुंबई एक्सप्रेस वे पर एमएनसे के झंडे लगाकार गाड़ियों की गिनती का काम कर रहे थे।"
- "पूछने पर बताया कि हम सर्वे कर रहे हैं। आगे उस सर्वे का क्या हुआ कोई नहीं जानता।"
- आगे पवार ने कहा कि, जब किसी को डरा धमकाकर उससे पैसे लिए जाते हैं, उसे मराठी में खंडणी (फिरौती) लेना कहते हैं।
- करण जौहर से पैसे लेने को फिरौती कहे या नहीं इसपर चर्चा हो सकती है।
- उन्होंने बताया कि बाला साहेब ठाकरे के कार्यकाल में ऐसा कुछ होता नहीं था। एक बार बाला साहेब ने बोल दिया के पाकिस्तान की टीम मुंबई में नहीं आएगी तो नहीं आई।

मुख्यमंत्री ने दी सफाई

- सीएम फडणवीस ने अपनी सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा कि, "हमने कोई सौदा नहीं किया बस विवाद सुलझाने की कोशिश की
सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि मैंने इस फिल्म से जुड़े हुए विवाद का हल निकालने के लिए फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड और मनसे के साथ बैठक की थी।
- "आखिर इसे मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है। इसमें सौदे और दलाली का सवाल ही नहीं उठता। ना ही हमने अपने आदर्शों के साथ कोई समझौता किया है।"
- "जब शांति व्यवस्था बनाए रखने के जिए हुर्रियत और नक्सलियों के साथ बातचीत की जा सकती है तो मनसे से बात करने में क्या बुराई है?"
- "क्या ये अच्छे संकेत नहीं हैं कि सरकार इस पूरे विवाद को एक बैठक के साथ खत्म करने की कोशिश कर रही है। इस समय जनता दिवाली मनाने के मूड में हैं। ऐसे में किसी भी तरह की टेंशन को रोका जाना चाहिए।"

कानून तोडऩे वाले पर होगी कार्रवाई

- सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने इस बात से भी इनकार किया कि मनसे ने इस फिल्म को रिलीज करने के लिए प्रोड्यूसर से जबरदस्ती आर्मी वेलफेयर फंड के लिए 5 करोड़ रुपए की मांग की है।
- इस आरोप को लेकर सीएम फडणवीस नाराज नजर आए। उन्होंने बताया कि, "फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड के लोग मेरे पास आए थे। वो मनसे से इस समस्या को लेकर बात करना चाहते थे।"
-  "मैंने इस बैठक में साफ कर दिया था कि सरकार कानून व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।"
- देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि हमारे पुलिस बल ने 12 मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की। अगर कोई भी कानून को हाथ में लेगा तो उसके साथ ऐसा ही होगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

- सीएम ने कहा कि, "इस फिल्म को शांतिपूर्ण तरीके से रिलीज करवाने के लिए हर थियेटर के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल नियुक्त किया जा रहा है।"
 - "हम नहीं चाहते कि दिवाली के मौके पर किसी भी तरह की हिंसक गतिविधियां हों। हम ये भी चाहते हैं कि आम लोग और पुलिस अच्छे से दिवाली मना सकें।"
- "फडणवीस ने बताया कि इस बैठक में खुद करन जौहर ने शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए 5 करोड़ रुपए देने की बात कही थी।"
- "बस मैंने यही कहा कि अगर आप सच में देशभक्ति ही दिखाना चाहते हैं तो आर्मी वेलफेयर रिलीफ फंड में आप मदद कर सकते हैं।"

विदर्भ में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को खतरा, नेताओं ने कहा- घोषणा करने में की देर

नागपुर.   विदर्भ में 35 से अधिक स्थानों पर होने वाले नगर परिषद चुनाव में भाजपा-शिवसेना की युति खतरे में नजर आ रही है। पहले चरण का नामांकन पत्र दाखिल करने का शनिवार को अंतिम दिन है। लेकिन जो तस्वीर उभर कर आ रही है, उसमें साफ नजर आ रहा है कि भाजपा-शिवसेना के प्रत्याशी मैदान में डटे रहेंगे। दोनों दलों के प्रमुख नेताओं का कहना है कि युति की घोषणा करने में देर हुई है।


- अधिकतर इच्छुक प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने की तैयारी पहले से कर रखी है। अंतिम समय पर मैदान से पीछे हटने की किसी भी प्रत्याशी की मानसिकता नहीं है।
- वैसे  भी स्थानीय स्तर पर युति करने का फैसला लेने का अधिकार जिले के नेताओं को होने से युति अब केवल कागजों पर ही होगी।
- वर्धा, हिंगणघाट, आर्वी, देवली तथा सिंदी रेलवे नगर परिषद में नगराध्यक्ष तथा प्रभागों की सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन हो गया है।
- वहीं यवतमाल नगर पालिका में शिवसेना पहले ही नगराध्यक्ष पद का टिकट पूर्व नगराध्यक्ष बालासाहब चौधरी की पत्नी कांचन चौधरी को देने की घोषणा कर चुकी है।
- यह घोषणा कांचन के पार्टी में प्रवेश के मौके पर ही कर दी गई।

- शिवसेना की ओर से आज जारी बयान के अनुसार वे नगराध्यक्ष पद के लिए शनिवार को अपना नामांकन भी दाखिल करेंगी।
- जबकि भाजपा की ओर से नगराध्यक्ष व नगरसेवक उमीदवारों के नाम तय होने के बावजूद नामों पर गोपनीयता बरकरार रखी गई है।
- अमरावती में भी दोनों प्रमुख दलों की युति व घोषित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।