Saturday, 6 April 2019

मोदी ने कहा- जवानों को निहत्था बना रही कांग्रेस, उसके नेता सुरक्षा हटा कर दिखाएं

मोदी ने कहा- जवानों को निहत्था बना रही कांग्रेस, उसके नेता सुरक्षा हटा कर दिखाएं

  • मोदी ने शनिवार को ओडिशा के सुंदरगढ़, सोनपुर और छत्तीसगढ़ के बालोद में जनसभाएं कीं
  • प्रधानमंत्री ने कहा- यह चुनाव तय करेगा कि हिंदुस्तान के हीरो मजबूत होंगे या फिर पाक के पक्षकार
'अटलजी कहा करते थे- भाजपा कार्यकर्ता का एक पैर जेल और दूसरा रेल में रहना चाहिए'

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के सुंदरगढ़, सोनपुर और छत्तीसगढ़ के बालोद में जनसभाएं कीं। कांग्रेस के घोषणा पत्र में अफ्स्पा हटाने के वादे को लेकर मोदी ने बालोद में कहा, ''कुछ दिनों पहले ही कांकेर में हमारे जवान शहीद हुए हैं। कांग्रेस को बलिदान की परवाह नहीं है। उन्होंने ढकोसला पत्र में कहा में नक्सलियों से लड़ रहे जवानों मिले विशेष कवच को हटाने का फैसला सुनाया है। कांग्रेस वालों को कहना चाहता हूं कि सेना के जवानों को निहत्था बना रहे हो, एक बार अपनी सुरक्षा हटा कर दिखाओ।''
सोनपुर में भाजपा 39वें स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा कि कई पार्टियां पैसे से बनी हैं लेकिन भाजपा का गठन कार्यकर्ताओं के पसीने से हुआ है। यह चुनाव तय करेगा कि हिंदुस्तान के हीरो मजबूत होंगे या पाकिस्तान के पक्षकार। किसानों, जवानों और नौजवानों को सम्मान मिलेगा या फिर टुकड़े-टुकड़े करने वालों की आवाज गूंजेगी।
भाजपा परिवार पैसे पर आधारित नहीं- मोदी
सुंदरगढ़ में मोदी ने कहा- ''38 साल पहले आज ही के दिन भाजपा का गठन हुआ था। भाजपा न तो धनबल, न बाहुबल से और न ही बाहर से ली गई किसी विचारधारा से बनी है। भाजपा परिवार और पैसे पर आधारित नहीं है। हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं के बलिदान से बनी है। चार-चार पीढ़ियां खप गईं। हमारी पार्टी पैसे नहीं पसीने से बनी है। जब-जब चुनौती आई, हमारे कार्यकर्ताओं ने सब छोड़कर मां भारती के लिए काम किया। जेपी आंदोलन और आपातकाल के समय जेलों में रहे। भाजपा के 11 करोड़ से ज्यादा कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस पर नमन करता हूं।''
'बंगाल-केरल में भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हो रहीं'
प्रधानमंत्री ने कहा, "अटलजी कहा करते थे- भाजपा कार्यकर्ता का एक पैर जेल और दूसरा रेल में रहना चाहिए। यानी लोगों की समस्याएं सुनने के लिए कार्यकर्ता यात्राएं करें और विकास के मुद्दों को लेकर जेल में जाने से भी न डरें। केरल और बंगाल में आए दिन हमारे कार्यकार्ताओं को मौत के घाट उतारा जाता है। हमारे कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने की बार-बार कोशिश की गई, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए। भाजपा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक दल है।"
'कांग्रेस और भ्रष्टाचार मिलकर नए रिकॉर्ड बनाते हैं'
शुक्रवार को मोदी ने यूपी के सहारनपुर, अमरोहा और उत्तराखंड के देहरादून में जनसभाएं की थीं। देहरादून में कहा, ''हेलिकॉप्टर की दलाली किसने खाई? कांग्रेस और भ्रष्टाचार मिलकर नए रिकॉर्ड खड़े करते रहते हैं। कांग्रेस ने राज की पहचान है कि उसमें भ्रष्टाचार ऐक्सेलरेटर पर रहता है और विकास वेंटिलेटर पर रहता है। यही कांग्रेस की पहचान है।'' उन्होंने कहा, ''हेलिकॉप्टर घोटाले के दलालों ने जिन लोगों को घूस देने की बात कही है, उसमें एक 'एपी' है, दूसरा 'फेम' है। इसी चार्जशीट में कहा गया है कि 'एपी' का मतलब अहमद पटेल और 'फेम' का मतलब है फैमिली।''

 


 

Monday, 19 November 2018

महाराष्ट्र में मराठों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ, फड़नवीस ने की घोषणा

महाराष्ट्र में मराठों के लिए आरक्षण का रास्ता साफ, फड़नवीस ने की घोषणा

 

मुंबई, राज्य ब्यूरो। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मराठा समुदाय को शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण देने की घोषणा कर दी है। सोमवार से शुरू हो रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर मराठों को आरक्षण दे दिया जाएगा।
विधानमंडल के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ठीक पहले रविवार शाम हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने मराठों को शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण देने का निर्णय किया। इसके बाद ही पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री फड़नवीस ने कहा कि हमने महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशें मान ली हैं।
मुंबई उच्चन्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश एन.जी.गायकवाड की अध्यक्षता वाले आयोग ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट मुख्य सचिव डी.के.जैन को सौंप दी थी। सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य की 32 फीसद मराठा आबादी में 25 फीसद पिछड़ों के दायरे में आते हैं। इसलिए उन्हें शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण दिया जा सकता है। राज्य सरकार मराठों को यह आरक्षण पिछड़े वर्गों को मिल रहे आरक्षण से छेड़छाड़ किए बगैर देगी।

महाराष्ट्र में फिलहाल 52 फीसद आबादी को आरक्षण का लाभ मिल रहा है। सरकार मराठों को 16फीसद आरक्षण देना चाहती है। ऐसी स्थिति में आरक्षण सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित 50 फीसद से काफी ऊपर पहुंच जाएगा। बता दें कि मराठा समुदाय लंबे से शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण की मांग करता रहा है। पिछली संप्रग सरकार 2014 में मराठों को 16 फीसद आरक्षण देने के लिए विधेयक भी लाई थी। लेकिन सरकार के इस निर्णय को न्यायालय में चुनौती दिए जाने के बाद उच्चन्यायालय ने इस कानून के अमल पर रोक लगा दी थी।
बाद में सर्वोच्च न्यायालय ने भी उच्चन्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को हटाने से इंकार कर दिया था। इसके कारण वर्तमान सरकार ने मराठों को आरक्षण देने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का सहारा लिया।माना जा रहा है कि उच्चन्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले आयोग की सिफारिश के बाद सरकार के लिए मराठों को आरक्षण देना आसान हो जाएगा।

बता दें कि मराठा समुदाय आरक्षण पाने के लिए 1981 से ही संघर्षरत रहा है। राज्य में फड़नवीस सरकार आने के बाद तो यह आंदोलन और तेज हो गया था। 2016 के बाद सूबे के सभी जिलों में पहले 58 शांतिपूर्ण रैलियां निकाली गईं। इसके बाद राज्य में हिंसक आंदोलन भी हुए। तभी दबाव में आकर मुख्यमंत्री फड़नवीस ने नवंबर तक आरक्षण का मसला सुलक्षा लेने का वायदा किया था। इसके बाद ही उन्होंने राज्य पिछड़ वर्ग आयोग से अपने काम में तेजी लाने का निवेदन किया।
समय पर काम पूरा करने के लिए आयोग को अतिरिक्त संसाधन भी मुहैया कराए गए। मराठा समुदाय को आरक्षण देना फड़नवीस सरकार के लिए राजनीतिक कारणों से भी जरूरी हो गया था। क्योंकि राज्य में 32 फीसद की आबादी वाला मराठा समुदाय राजनीतिक रूप से कांग्रेस एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस का वोटबैंक माना जाता रहा है। जबकि फड़नवीस भाजपा नेतृत्व द्वारा दिए गए ब्राह्मण मुख्यमंत्री हैं। माना जा रहा है कि उनकी सरकार द्वारा मराठों को दिया गया आरक्षण भाजपा को राजनीतिक लाभ भी पहुंचाएगा।

 

विहिप राम मंदिर बनाए तो शिवसेना देगी साथ: संजय राउत

विहिप राम मंदिर बनाए तो शिवसेना देगी साथ: संजय राउत


लखनऊ, राज्य ब्यूरो। राम मंदिर निर्माण मुद्दे पर अयोध्या में 24 व 25 नवंबर को शिवसेना और विश्व हिंदू परिषद के बीच शक्ति प्रदर्शन जैसी स्थिति से इन्कार करते हुए शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि केवल भीड़ जुटा लेने से राम मंदिर न बनेगा। यह जनभावना से जुड़ा मुद्दा है इसलिए कोर्ट के भरोसे भी नहीं रहा जा सकता है। मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने में देरी कर रही सरकार को इसकी वजह बतानी होगी। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदू परिषद अभी राममंदिर बनाने की शुरुआत करती है तो शिवसेना साथ देगी। उनका कहना था कि शिवसेना को श्रेय नहीं राम मंदिर चाहिए।
सोमवार को शिवसेना नेता ने भाजपा पर निशाना साधा कि हमने चुनाव में कभी राम मंदिर मुद्दे का इस्तेमाल नहीं किया लेकिन, जो लोग ऐसा करते रहे हैं, उन्हें इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। केंद्र व प्रदेश में बहुमत वाली सरकार होने के बाद भी मंदिर निर्माण का अध्यादेश लाने में देरी क्यों हो रही है? मंदिर निर्माण का एकमात्र समाधान अध्यादेश है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण मुद्दा वर्ष 2019 में ही सुलझ जाना चाहिए, ताकि इसके बाद किसी राजनीतिक पार्टी के लिए राम मंदिर और बाबरी मस्जिद एजेंडा न रह जाए। राम मंदिर कोई जुमला नहीं है बल्कि राष्ट्रीय अस्तित्व का सवाल है। भाजपा के पास अब कोई बहाना नहीं बचा है।
रैली नहीं, जन संवाद करेंगे ठाकरे 
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या दौरे को विहिप की संत सभा के समानांतर न होने का स्पष्टीकरण देते हुए राउत ने कहा कि रैली नहीं है, वरन संतों से आशीर्वाद लिया जाएगा। उद्धव ठाकरे 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचेंगे और 25 नवंबर तक रहेंगे। इस बीच महंत नृत्य गोपाल दास की मौजूदगी में सरयू आरती होगी और 25 को सुबह नौ बजे राम लला के दर्शन करेंगे। इसके बाद गुलाब बाड़ी में जनसंवाद होगा। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र व अन्य स्थानों से भी शिवसैनिकों के अयोध्या पहुंचने की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री से मिलेंगे
राउत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र पांडेय द्वारा शिवसेना की अचानक बढ़ी सक्रियता पर उठाए गए प्रश्न पर टिप्पणी से इन्कार करते हुए कहा कि हम कोई विवाद नहीं राम मंदिर चाहते हैं। उन्होंने बताया कि अयोध्या में दहशत जैसा माहौल नहीं है। वह बाबरी मस्जिद के पक्षकार अंसारी से मिल चुके हैं, किसी को डरने की जरूरत नहीं। मंदिर निर्माण को लेकर मंगलवार को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री से मिलेंगे और उद्धव ठाकरे के दौरे पर भी चर्चा करेंगे।

Monday, 31 October 2016

सिमी के फरार 8 आतंकियों का 9 घंटे में एनकाउंटर; गांव वालों से मिला था इनपुट, पुलिस ने पहाड़ पर घेरकर मारा






भोपाल. जेल से भागे सिमी के 8 आतंकियों को एक पहाड़ पर घेर कर पुलिस ने उनका एनकाउंटर कर दिया। ये आतंकी भोपाल सेंट्रल जेल से रविवार तड़के 2-3 बजे भागे थे। मध्य प्रदेश पुलिस ने भोपाल से 10 किमी दूर खेजड़ी गांव में आतंकियों का एनकाउंटर किया। इनमें तीन आतंकी ऐसे थे जो तीन साल पहले खंडवा जेल से भागे थे। बता दें कि सिमी (स्टूडेंट्स स्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) को 2001 में केंद्र सरकार ने बैन किया था।आतंकियों ने पुलिस पर की फायरिंग, 45 मिनट तक चला एनकाउंटर...
 
- आतंकी जैसे ही जेल से भागे, पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया गया था। पूरे शहर की घेराबंदी कर दी गई थी।
- इसी बीच, पुलिस को खबर मिली कि आतंकी भोपाल से 10 किमी दूर खेजड़ी गांव में छिपे हुए हैं। गांव वालों की ओर से ये इनपुट मिला था।
- फोर्स जब मौके पर पहुंची तो आतंकी अचारपुरा के पास एक पहाड़ पर छिपे हुए थे। पुलिस ने उन्हें सरेंडर करने को कहा, लेकिन आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने एनकाउंटर में सभी को मार गिराया।
- भोपाल आईजी योगेश चौधरी ने बताया, "ये एक गंभीर मामला था। जेल से भागने के बाद हम खासी सर्चिंग कर रहे थे। ऑपरेशन में एसटीएफ, सीटीसी और जिला पुलिस शामिल थी।"
सीएम ने पुलिस और गांव वालों की तारीफ
- सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एनकाउंटर में मदद करने वाले स्थानीय लोगों और पुलिस फोर्स की तारीफ की है। 
- सीएम ने कहा, "हम पुलिस फोर्स को इस कामयाबी के लिए बधाई देते हैं, लेकिन इस घटना को बहुत गंभीरता से ले रहे हैं। आतंकियों का जेल से फरार होना गंभीर मामला है।" 
- साथ ही उन्होंने कहा, "फरार आतंकियों के एनकाउंटर में स्थानीय लोगों ने बड़ा रोल निभाया। उन्हीं के जरिए हमें आतंकियों की लोकेशन का पता चला।" 
 
किसी परिचित के पास जा रहे थे आतंकी
- जानकारी के मुताबिक, आतंकी भोपाल से निकलने के बाद किसी परिचित के घर छिपे थे।
- इसी दौरान गांव वालों ने इनके बारे में इनपुट दी।
- जिस गांव में आतंकी छिपे थे, उसकी आबादी 5 हजार है।
- आतंकी जिस परिचित के यहां छिपे थे, पुलिस उससे भी पूछताछ करेगी।
 
तुरंत हरकत में आने से पुलिस को मिली कामयाबी
- आतंकियों के फरार होते ही पूरा पुलिस अमला हरकत में आ गया था। रात में ही पुलिस के आला अफसर जेल में पहुंच गए।
- सुबह सीएम शिवराज सिंह चौहान ने जेल एडीजी और डीआईजी को हटा दिया और आतंकियों को जल्द से जल्द अरेस्ट करने का भरोसा दिलाया।
 
जेल से भागने और एनकाउंटर पर विपक्ष ने उठाए सवाल
1. कांग्रेस ने कहा- ज्यूडिशियल जांच होनी चाहिए
- कांग्रेस के सीनियर लीडर कमलनाथ ने मामले की ज्यूडिशियल जांच की मांग की है। 
- उन्होंने कहा कि आतंकी जेल से कैसे फरार हुए, इसका पता लगाया जाना चाहिए।
 
2. असदुद्दीन औवेसी बोले- आतंकियों ने जूते, बेल्ट कैसे पहन रखे थे?
- "सिमी के आतंकियों को जेल से 10 किमी दूर एनकाउंटर कर दिया गया।"
- "वे ज्यूडिशियल कस्टडी में थे। यानी वे अंडर ट्रायल थे। ये देखने वाली बात है कि वे घड़ी, जूते, बेल्ट पहने हुए थे। अगर उन्हें मारा गया है तो इसका आधार क्या है? कई सवाल खड़े होते हैं। एनकाउंटर के पीछे कोई मजबूत आधार नजर नहीं आता।"
- "मध्य प्रदेश का मालवा आतंकियों का गढ़ माना जाता है। एसटीएफ के पास काफी पावर है। वे अरेस्ट कर सकते थे और उसके बाद पूछताछ की जा सकती थी।"
- "हमारी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की जांच की जाए।"

अजित पवार ने राज को फिरौती मांगने वाला बताया, CM ने विवादों पर दी सफाई


पुणे: फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' के मुद्दे पर सुलह करवा विवादों में घिरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अब अपनी सफाई दी है। वहीं इस मुद्दे पर पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(मनसे) प्रमुख राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए उन्हें फिरौती मांगने वाला बताया है। क्या कहा अजित पवार ने ...

- अजित पवार ने राज ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि, कि जिस प्रकार से डरा धमकाकर फिल्म निर्माता करन जौहर से पैसे लिए गए और 5 करोड़ रुपये आर्मी वेलफेयर फंड में देने का तय होने के बाद मामला लटका दिया गया, उससे शक होता है कि कहीं राज ठाकरे ने फिरौती मांगने का काम तो नहीं किया है।
- "जब से महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अस्तित्व में आई है। उस दिन से इसने आजतक किसी भी विषय को अंजाम तक ले जाने का काम नहीं किया है।"
- "जब हमारी सरकार थी, तब वो पुणे मुंबई एक्सप्रेस वे पर एमएनसे के झंडे लगाकार गाड़ियों की गिनती का काम कर रहे थे।"
- "पूछने पर बताया कि हम सर्वे कर रहे हैं। आगे उस सर्वे का क्या हुआ कोई नहीं जानता।"
- आगे पवार ने कहा कि, जब किसी को डरा धमकाकर उससे पैसे लिए जाते हैं, उसे मराठी में खंडणी (फिरौती) लेना कहते हैं।
- करण जौहर से पैसे लेने को फिरौती कहे या नहीं इसपर चर्चा हो सकती है।
- उन्होंने बताया कि बाला साहेब ठाकरे के कार्यकाल में ऐसा कुछ होता नहीं था। एक बार बाला साहेब ने बोल दिया के पाकिस्तान की टीम मुंबई में नहीं आएगी तो नहीं आई।

मुख्यमंत्री ने दी सफाई

- सीएम फडणवीस ने अपनी सरकार की ओर से सफाई देते हुए कहा कि, "हमने कोई सौदा नहीं किया बस विवाद सुलझाने की कोशिश की
सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि मैंने इस फिल्म से जुड़े हुए विवाद का हल निकालने के लिए फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड और मनसे के साथ बैठक की थी।
- "आखिर इसे मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है। इसमें सौदे और दलाली का सवाल ही नहीं उठता। ना ही हमने अपने आदर्शों के साथ कोई समझौता किया है।"
- "जब शांति व्यवस्था बनाए रखने के जिए हुर्रियत और नक्सलियों के साथ बातचीत की जा सकती है तो मनसे से बात करने में क्या बुराई है?"
- "क्या ये अच्छे संकेत नहीं हैं कि सरकार इस पूरे विवाद को एक बैठक के साथ खत्म करने की कोशिश कर रही है। इस समय जनता दिवाली मनाने के मूड में हैं। ऐसे में किसी भी तरह की टेंशन को रोका जाना चाहिए।"

कानून तोडऩे वाले पर होगी कार्रवाई

- सीएम देवेन्द्र फडणवीस ने इस बात से भी इनकार किया कि मनसे ने इस फिल्म को रिलीज करने के लिए प्रोड्यूसर से जबरदस्ती आर्मी वेलफेयर फंड के लिए 5 करोड़ रुपए की मांग की है।
- इस आरोप को लेकर सीएम फडणवीस नाराज नजर आए। उन्होंने बताया कि, "फिल्म प्रोड्यूसर्स गिल्ड के लोग मेरे पास आए थे। वो मनसे से इस समस्या को लेकर बात करना चाहते थे।"
-  "मैंने इस बैठक में साफ कर दिया था कि सरकार कानून व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगी।"
- देवेन्द्र फडणवीस ने कहा कि हमारे पुलिस बल ने 12 मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई भी की। अगर कोई भी कानून को हाथ में लेगा तो उसके साथ ऐसा ही होगा।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

- सीएम ने कहा कि, "इस फिल्म को शांतिपूर्ण तरीके से रिलीज करवाने के लिए हर थियेटर के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल नियुक्त किया जा रहा है।"
 - "हम नहीं चाहते कि दिवाली के मौके पर किसी भी तरह की हिंसक गतिविधियां हों। हम ये भी चाहते हैं कि आम लोग और पुलिस अच्छे से दिवाली मना सकें।"
- "फडणवीस ने बताया कि इस बैठक में खुद करन जौहर ने शहीदों के परिवारों के कल्याण के लिए 5 करोड़ रुपए देने की बात कही थी।"
- "बस मैंने यही कहा कि अगर आप सच में देशभक्ति ही दिखाना चाहते हैं तो आर्मी वेलफेयर रिलीफ फंड में आप मदद कर सकते हैं।"

विदर्भ में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को खतरा, नेताओं ने कहा- घोषणा करने में की देर

नागपुर.   विदर्भ में 35 से अधिक स्थानों पर होने वाले नगर परिषद चुनाव में भाजपा-शिवसेना की युति खतरे में नजर आ रही है। पहले चरण का नामांकन पत्र दाखिल करने का शनिवार को अंतिम दिन है। लेकिन जो तस्वीर उभर कर आ रही है, उसमें साफ नजर आ रहा है कि भाजपा-शिवसेना के प्रत्याशी मैदान में डटे रहेंगे। दोनों दलों के प्रमुख नेताओं का कहना है कि युति की घोषणा करने में देर हुई है।


- अधिकतर इच्छुक प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने की तैयारी पहले से कर रखी है। अंतिम समय पर मैदान से पीछे हटने की किसी भी प्रत्याशी की मानसिकता नहीं है।
- वैसे  भी स्थानीय स्तर पर युति करने का फैसला लेने का अधिकार जिले के नेताओं को होने से युति अब केवल कागजों पर ही होगी।
- वर्धा, हिंगणघाट, आर्वी, देवली तथा सिंदी रेलवे नगर परिषद में नगराध्यक्ष तथा प्रभागों की सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन हो गया है।
- वहीं यवतमाल नगर पालिका में शिवसेना पहले ही नगराध्यक्ष पद का टिकट पूर्व नगराध्यक्ष बालासाहब चौधरी की पत्नी कांचन चौधरी को देने की घोषणा कर चुकी है।
- यह घोषणा कांचन के पार्टी में प्रवेश के मौके पर ही कर दी गई।

- शिवसेना की ओर से आज जारी बयान के अनुसार वे नगराध्यक्ष पद के लिए शनिवार को अपना नामांकन भी दाखिल करेंगी।
- जबकि भाजपा की ओर से नगराध्यक्ष व नगरसेवक उमीदवारों के नाम तय होने के बावजूद नामों पर गोपनीयता बरकरार रखी गई है।
- अमरावती में भी दोनों प्रमुख दलों की युति व घोषित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

Sunday, 18 September 2016

मराठा समाज के लाखों लोगों का प्रदर्शन, भीड़ के कारण सभी रास्ते जाम

हिंगोली (महाराष्ट्र). आरक्षण समेत विभिन्न मांगों को लेकर राज्यभर से आए मराठा समाज के लाखों लोगों ने शनिवार को अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन किया है। यूं कह सकते हैं कि यहां पाटीदार आंदोलन जैसा माहौल बन रहा है। सुबह 11 बजे तक तो शहर के सभी रास्ते भीड़ से भर गए थे। पहला बड़ा प्रदर्शन कोपर्डी गांव में नाबालिग की गैंगरेप के बाद हत्या के विरोध में किया गया था।
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- अब, महिला-पुुरुष इसी मंच का इस्तेमाल मराठाओं के लिए आरक्षण मांगने को लेकर कर रहे हैं।
- इसी तरह की रैलियां लातूर, सोलापुर और अमरावती में भी निकालने की योजना है।
- प्रदर्शनों पर शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने कहा कि ये मोर्चे राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक मुद्दों को लेकर हो रहे हैं।

Monday, 12 September 2016

रिलायंस जियो और बीएसएनएल ने 2जी, 4जी रोमिंग के लिए किया समझौता

नई दिल्ली: रिलायंस जियो और सरकारी क्षेत्र की भारत संचार निगम लि. (बीएसएनएल) ने 2जी और 4जी सेवाओं के लिए अपने सर्कलों के अंदर रोमिंग का समझौता किया है.


इस समझौते के लागू होने पर बीएसएनएल के ग्राहक रोमिंग में रिलायंस जियो की 4जी सेवाएं हासिल कर सकेंगे तथा रिलायंस जियो के ग्राहक फोन कॉल के लिए बीएसएनएल के 2जी नेटवर्क का इस्तेमाल कर सकेंगे.

बीएसएनएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनुपम श्रीवास्तव ने बयान में कहा कि इस समझौते से दोनों कंपनियों को फायदा होगा और उन्हें दोनों के नेटवर्क का बाधारहित लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि बीएसएनएल अपने नेटवर्क को मजबूत कर रही है जिसमें 3 महीने लग सकते हैं. उसके बाद 4जी हैंडसेट रखने वाले बीएसएनएल के ग्राहक जियो की 4जी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे. इसके लिए दोनों कंपनियां दर अभी तय करने वाली हैं.

रिलायंस जियो के प्रबंध निदेशक संजय मश्रुवाला ने कहा कि उनकी कंपनी अपने स्तर पर बिल्कुल एक नए दौर का नेटवर्क स्थापित कर रही है. साथ ही इस तरह के समझौतों से हमारे ग्राहकों को रोमिंग के समय बराबर संपर्क में बने रहने की सुविधा होगी.

Sunday, 11 September 2016

कपिल के ट्विट को लेकर नीतेश राणे ने CM फड़णवीस पर साधा निशाना

मुंबई. कॉमेडियन कपिल शर्मा द्वारा नरेंद्र मोदी से ट्विटर पर बीएमसी में करप्शन की शिकायत को लेकर कांग्रेस नेता नीतेश राणे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस पर निशाना साधा है। राणे ने कहा है कि, कपिल जैसे ग्लैमरस चेहरे की शिकायत की दखल तुरंत ली जाती है।  कपिल का पांच लाख की घूस मांगने का दावा.....


-कपिल द्वारा पीएं मोदी को ट्वीट करने के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, सांसद किरीट सोमय्या, विधायक राम कदम ने दखल ली। लेकिन कांग्रेस नेता राणे ने तिखी टिप्पणी की है।
- राणे ने कपिल शर्मा का मुखौटा पहना हुआ एक वीडियो ट्विटर पर अपलोड किया है।
-इस वीडियो में नीतेश बताते है कि कपिल जैसे लोगों द्वारा ट्विट की दखल तुरंत ली जाती है।
-मैं कईं सालो से बीएमसी में हो रहे भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहा हूं, लेकिन इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं गया। इसका मुझे काफी गुस्सा आता है।
-आगे नीतेश में ट्वीट में कहा है कि आज सुबह ही सुना की इस तरह का ग्लैमरस चेहरे वालों लोगों की दखल तुरंत ली जाती है। अब हम भी कपिल शर्मा है यह कहने की नौबत आई है। अब तो सीएम साहब मेरी बात सुनिए। मैं भी एक मुंबईकर हूं।
-कपिल ने उसके आॅफिस के लिए बीएमसी से पांच लाख की घूस मांगने का दावा किया है।  मुख्यमंत्री फड़णवीस ने घूस मांगने वाले के बारे में जानकारी देने के लिए कहा था।

दलितों से ज्यादा मराठाओं ने किया एट्रोसिटी का गलत इस्तेमाल- आठवले

पुणे- दलितों पर हो रहे हमलों को लेकर एट्रोसिटी कानून तहत कार्रवाई होनी चाहिए। इस एक्ट का गलत इस्तेमाल दलित लोगों से ज्यादा सवर्णों द्वारा किया जाता है। यह कहना है केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले का। आठवले पुणे श्रमिक पत्रकार संघ द्वारा आयोजित चर्चा में बोल रहे थे। और क्या बोले आठवले.....


-आठवले ने कहा कि, इस कानून को रद्द नहीं किया जा सकता, लेकिन इसमें बदलाव जरूर किया जा सकता है।
-सन 1989 में सभी दलों के और जातियों के सांसदों ने यह कानून पारित किया है।  इसलिए इस कानून का कितना भी विरोध हो उसे रद्द नहीं जा सकता।
-कोपर्डी कांड के सभी आरोपी दलित थे। उन सभी आरोपियों को जेल भिजवाने के लिए रिपब्लिकन पार्टी आॅफ इंडिया के कार्यकर्ताओं ने ही प्रयास किया था।
- लेकिन जो लोग इस कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं उन्हें अपने भीतर झांकना चाहिए।
-पंचायतों में जब कोई दलित उम्मीदवार सरपंच बनता है तो विपक्ष के लोग उस पर हल्लाबोल करते हैं।एेसे ही लोग इस तरह की मांग कर रहे हैं।
-आगे आठवले ने कहा कि सरकार द्वारा आंतरजातिय विवाह को प्रोत्साहन देने पर पर एेसी शादियां करने वालों की संख्या बढ़ेगी।
-महाराष्ट्र में मराठा और दलित समाज एक होने पर बड़ा बदलाव हो सकता है। 

‘फूड व हर्बल पार्क’ का शिलान्यास, बाबा रामदेव ने कहा- 50 हजार लोगों को मिलेगा काम

‘फूड व हर्बल पार्क’ का शिलान्यास, बाबा रामदेव ने कहा- 50 हजार लोगों को मिलेगा काम

नागपुर. मिहान में पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के सहयोग से ‘फूड एवं हर्बल पार्क’ बनेगा। इसका शनिवार को शिलान्यास किया गया। इस मौके पर योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के सहयोग से मिहान (मल्टी-मॉडल इंटरनेशनल कार्गो हब एंड एयरपोर्ट एट नागपुर) में दुनिया का सबसे बड़ा "फूड एंड हर्बल' पार्क बनेगा। 50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार ...


50 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
- शनिवार को मिहान में "फूड एंड हर्बल' पार्क के शिलान्यास व किसान मेले में योग गुरु ने कहा कि विदर्भ के 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इस पार्क का उद्घाटन  अगले साल मार्च-अप्रैल में किया जाएगा। 
- यह हरिद्वार (उत्तराखंड) के पार्क से चार गुणा बड़ा होगा। इसका पूरा खाका आयुर्वेद केंद्र पतंजलि योगपीठ  के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण ने तैयार किया है। 
- 100 करोड़ रुपए का कच्चा माल एलोविरा, आंवला व अन्य औषधि किसानों से पार्क बनने के पहले ही खरीद सकते हैं, जबकि पार्क बनने के बाद वह 5 हजार करोड़ तक का कच्चा माल खरीदेंगे। 

नितिन गडकरी को बताया अपना ब्रांड एंबेसडर
- उन्होंने कहा कि मेरे और आचार्य जी के नाम के जितने भी शेयर थे, वह भी हमने ट्रस्ट के नाम कर दिए। अब इसका भी उपयोग समाज और शिक्षा के क्षेत्र में किया जाएगा।
- कश्मीर के हालात पर उन्होंने दो टूक कहा, मोदी जी इसे ठीक करेंगे। साथ ही, महाराष्ट्र के शासन की तारीफ भी की। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को अपना ब्रांड एंबेसडर बताया।
- आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि शहर के आस-पास के क्षेत्र में प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर लगाए जाएंगे। बिचौलियों से कोई बात नहीं होगी। पार्क में 5 हजार टन कच्चा माल हर दिन उपयोग में लिया जाएगा।

किसानों से खरीदा जाएगा कच्चा माल
- उन्होंने बताया कि किसानों के पशुओं को हरा चारा नहीं मिल पाता है। किसान इसके उत्पाद से खुद के पशुओं और व्यवसाय के लिए भी उत्पादन कर सकते हैं। 
- इससे पूर्व 'फूड एंड हर्बल' पार्क का शिलान्यास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस ने किया। उन्होंने स्पष्ट किया किया कि जमीन आवंटन में सभी नियमों का ख्याल रखा गया है।
- केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि योग गुरु ने काटोल की बंद पड़ी संतरा फैक्ट्री और अमरावती में काम करने की इच्छा जताई, जो हमारे लिए खुशी की बात है।
- उन्हाेंने कहा कि हमारे यहां बहुत अधिक मात्रा में वन संपदा है। पार्क के उत्पाद में उनका उपयोग होगा, जो किसानों से खरीदा जाएगा।

मंच से सिखाया योग

फूड एंड हर्बल पार्क के शिलान्यास के पूर्व यज्ञ का आयोजन किया गया। इसके बाद बाबा रामदेव मंच से योग की बारीकियों से रूबरू कराया। बाबा यहीं नहीं रुके, उन्होंने मंच से कार्यक्रम में शामिल होने आए सभी को योग कर दिखाया। साथ ही बीच-बीच में चुटकी लेकर गुदगुदाया भी।

Monday, 25 July 2016

100 साल पहले ऐसे दिखते थे शिर्डी के साईं बाबा, देखें उनके रेयर फोटोज



100 साल पहले ऐसे दिखते थे शिर्डी के साईं बाबा, देखें उनके रेयर फोटोज


साईं बाबा की इस फोटो को 100 साल पुराना है, मस्जिद में बैठे बाबा।
नासिक: गुरु की वंदना, आराधना का दिन गुरु पूर्णिमा 19 जुलाई को है। इस दिन लाखों की संख्या में भक्त साईं बाबा के दर्शन के लिए शिर्डी जाते हैं। साईं बाबा के लिए कहा जाता है कि उन्होंने अपने भक्तों को अपनी मृत्यु की तारीख पहले ही बता दी थी। उनके निधन के बाद अंतिम संस्कार को लेकर पैदा हुए विवाद को सुलझाने के लिए वोटिंग करवाई गई थी। बाबा हिंदू थे या मुसलमान...

- शिर्डी के सांई बाबा के भक्त दुनियाभर में फैले हैं। उनके फकीर स्वभाव और चमत्कारों की कई कथाएं है।
- बाबा के भक्त उनके चित्र और मूर्तियों को अपने घरों में अवश्य रखते हैं। साईं बाबा की ये फोटोज तकरीबन 100 साल पुरानी बताई जाती हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किसने इन फोटोज को खींचा है।

लोक कल्याण में समर्पित था जीवन...

- साईं ने अपना पूरा जीवन जनसेवा में ही व्यतीत किया। वे हर पल दूसरों के दुख दर्द दूर करते रहे।
- बाबा के जन्म के संबंध में कोई सटीक उल्लेख नहीं मिलता है।
- साईं के सारे चमत्कारों का रहस्य उनके सिद्धांतों में मिलता है, उन्होंने कुछ ऐसे सूत्र दिए हैं जिन्हें जीवन में उतारकर सफल हुआ जा सकता है।
- खुद शक्ति सम्पन्न होते हुए भी उन्होंने कभी अपने लिए शक्ति का उपयोग नहीं किया।
- सभी साधनों को जुटाने की क्षमता होते हुए भी वे हमेशा सादा जीवन जीते रहे और यही शिक्षा उन्होंने संसार को भी दी।
- साईं बाबा शिर्डी में एक सामान्य इंसान की भांति रहते थे।

बाबा के फ्यूनरल के लिए हुई थी वोटिंग

- शिर्डी के साईं बाबा का निधन 15 अक्टूबर 1918 (दशहरा के दिन) हुआ था।
- साईं ने दुनिया छोड़ने का संकेत पहले ही दे दिया था, उनका कहना था कि दशहरा का दिन धरती से विदा होने का सबसे अच्छा दिन है।
- शिर्डी में बाबा के जीवन काल में मुसलमान उन्हें यवन फकीर मानते थे और हिंदू उनकी पूजा भगवान की तरह ही किया करते थे।
- बाबा के निधन के बाद उनकी फ्यूनरल किस तरह की जाए, इसको लेकर दोनों पक्षों में टेंशन था।
- सरकारी अधिकारियों की मौजूदगी में वोटिंग कराई गई थी। मतदान में बाबा का अंतिम संस्कार हिंदू रीति से किया जाए वाला पक्ष विजयी रहा था।
- इसके बाद दूसरा पक्ष बाबा का शव कब्रिस्तान में दफन करने के पक्ष में था।

निधन से पूर्व सुनाए गए थे धार्मिक ग्रंथ

- साईं बाबा को लोग अवतार मनाते थे। इसके बाद भी उन्होंने अपने निधन से पूर्व धार्मिक ग्रंथ सुनने की इच्छा व्यक्त की थी।
- उन्होंने शिर्डी के ही एक वझे नाम के व्यक्ति से राम विजय प्रकरण सुनाने को कहा था। वझे ने बाबा को एक सप्ताह तक यह पाठ सुनाया।
- इसके बाद बाबा ने उन्हें हर समय पाठ करने कहा। जब वह पाठ करते-करते थक गए तो बाबा ने उनको आराम करने की सलाह दी थी।

CCTNS शुरू करने वाला महाराष्ट्र पहला राज्य,अब ऑनलाइन दर्ज होगी ई-कंप्लेंट

मुंबई/पुणे.  सीएम देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को बताया कि अपराध व अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (सीसीटीएनएस) पूरी तरह कार्यान्वित करने वाला महाराष्ट्र देश का पहला राज्य बन गया है। लोग अब पुलिस स्टेशन में ऑनलाइन पोर्टल के जरियेए ई-कंप्लेंट दर्ज करा सकते हैं। शुरुआत पुणे शहर से की जा रही है। सीएम राज्य पुलिस कर्तव्य सम्मेलन के 14वें समापन समारोह में बोल रहे थे।


-  उन्होंने कहा कि सीसीटीएनएस द्वारा अपराधियों को खोजने, मामलों का खुलासा करने में मदद मिलगी। अपराधियों के फिंगर प्रिंट का बड़ा डाटा तैयार किया जा रहा है।
-  सीसीटीएनएस तकनीक के लिए इंटरनेट की गति को 10 एमबीपीएस तक बढ़ाया जाएगा। ई-कंप्लेंट ऑनलाइन दर्ज कराने की सुविधा फिलहाल पुणे शहर से शुरू की जा रही है।
-  इसमें आने वाली परेशानियां दूर कर राज्यभर में लागू होगी।

सीएम का विरोध, मंच पर चढ़ रहे दाे हिरासत में
-  सीएम देवेंद्र फडणवीस के कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने आरपीआई (सचिन खरात समूह) के कार्यकर्ताओं- दिलीप घोकसे व एक अन्य को हिरासत में ले लिया गया।
-  शनिवार को लोकमान्य तिलक के दिए नारे- ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है, और मैं इसे लेकर रहूंगा’ का शताब्दी समारोह अायोजित किया गया था।
-  तिलक ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में यह वाकया हुआ।
-  सीएम देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि थे। समारोह में आरपीआई (सचिन खरात गुट) के कार्यकताओं- दिलीप घोकसे व एक अन्य ने मंच पर चढ़ने की कोशिश की।
-  दोनों कोपर्डी में नाबालिग लड़की से रेप व हत्या के आरोपियों  को फांसी की सजा देने की मांग कर रहे थे।
-  वे मुंबई के बाबासाहब आंबेडकर भवन गिराए जाने का भी विरोध कर रहे थे। आंबेडकर भवन गिराने के पीछे सीएम को जिम्मेदार ठहराते हुए दोनों ने मंच पर चढ़ने का प्रयास किया।
-  इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दूसरे आरोपी का नाम नहीं पता चल सका है। विरोध के कारण कुछ समय के लिए कार्यक्रम बाधित भी रहा।

रफ्तार पकड़ेगा आैद्योगिक विकास

नागपुर. बरसों से चली आ रही पृथक विदर्भ राज्य की मांग के पर्याय के रूप में सरकार ने विदर्भ का सर्वांगीण विकास करने का राग अलापना शुरू कर दिया है। इसी दिशा में राज्य सरकार ने विदर्भ के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए उसका औद्योगिक विकास करने का निर्णय लिया है। इसके अनुसार प्रत्येक जिले का औद्योगिक दृश्य सामने रखकर विदर्भ का औद्योगिक विकास किया जाएगा। विदर्भ के साथ मराठवाड़ा को भी इसमें शामिल किया गया है।
इसके लिए नागपुर के  विभागीय आयुक्त अनूप कुमार की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है।

समिति तय करेगी कि पिछड़े क्षेत्रों में सामर्थ्य, फायदे और अवसर कैसे मिल सकते हैं। समिति में अमरावती और औरंगाबाद के विभागीय आयुक्त भी सह-अध्यक्ष होंगे। 20 सदस्यीय इस समिति में सह संचालक उद्योग, नागपुर एमआईडीसी के मुख्य अभियंता, औरंगाबाग एमआईडीसी के मुख्य अभियंता, वीआईए के प्रतिनिधि आदि शामिल रहेंगे। समिति नागपुर, अमरावती व औरंगाबाद विभाग के प्रत्येक जिले के विविध कार्यालयों की जानकारी एकत्रित कर व उद्योग क्षेत्र के संगठन चेंबर ऑफ कॉमर्स, उद्योग, व्यवसाय व व्यापारी वर्ग से संबंधित संगठनों के साथ बैठक कर अवसर व उपयोगिता का अध्ययन करेगी।


प्रत्येक जिले के बीमार उद्योग को पुनर्जीवित करने के लिए अपनाए गए तरीकों को भी देखा जाएगा। कुछ विशिष्ठ के लिए जैसे खनिज उद्योग विकास, कृषि उद्योग विकास, स्वयंचलित उद्योग विकास, सुरक्षा उद्योग विकास आदि उद्योगों को गति देने के िलए विविध योजना भी बनेगी। इसके अलावा विभागों के लिए विशेष लाभ देने के लिए सिफारिश करेगी। समिति को 6 महीने में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
कुछ समय पहले राज्यपाल कार्यालय ने नियोजन विभाग से विदर्भ की आर्थिक स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी। उस समय कुछ उम्मीदें जरूर जाग गई थी। किंतु आगे बात नहीं बढ़ी। जानकारों का कहना है कि सरकार ने औद्योगिक विकास करने के लिए समिति का गठन कर, पृथक विदर्भ की मांग करने वालों की उम्मीदों पर फिर पानी फेर दिया है।


समिति का गठन क्यों

सरकार का कहना है कि पुणे, मुंबई और नाशिक क्षेत्र में औद्योगिकीकरण के कारण  इन क्षेत्रों पर काफी दबाव बढ़ गया है। भीड़ बढ़ गई है। ऐसे में इसका विकेंद्रीकरण जरूरी है। इसे ध्यान में रखकर औद्योगिक दृष्टि से पिछड़े विदर्भ व मराठवाड़ा क्षेत्र का विकास कर, राज्य का संतुलित औद्योगिक विकास करने की योजना है। इसके लिए इन क्षेत्रों के प्रत्येक जिलों का औद्योगिक दृष्टि से अध्ययन होना आवश्यक है। 

Sunday, 22 May 2016

स्टेट गवर्मेंट ने लगाई रोक, नहीं की जाएगी 31 जुलाई तक लोन रिकवरी नहीं

मुंबई.  वर्ष 2015-16 में जिन गांवों में खरीफ फसल की पैसेवारी 50 पैसे से कम है, वहां के किसानों से कृषि ऋण की वसूली 31 जुलाई 2016 तक स्थगित कर दी गई है। साथ ही कृषि कर्ज के पुनर्नियोजन की मियाद भी बढ़ा दी गई है। सहकारिता विभाग ने इस संबंध में रविवार को संशोधित शासनादेश जारी किया।


- खरीफ फसल के दौरान ऐसे गांवों की संख्या 15 हजार से ज्यादा है, जिनकी पैसेवारी 50 पैसे से कम है
- यहां के किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने अल्प अवधि के कर्ज को मध्यम अवधि के कर्ज में बदल दिया था और कर्ज वापसी की अवधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी थी।
- इसके लिए सरकार ने शुरुआत में 30 अप्रैल 2016 की समय सीमा तय की थी, लेकिन इसे बढ़ाने की मांग के मद्देनजर 31 जुलाई 2016 तक कृषि ऋण के पुनर्गठन व वसूली पर रोक लगा दी गई है।


28,762 गांव हैं सूखाग्रस्त
- पिछली खरीफ फसल के दौरान 24 हजार गांवों की पैसेवारी 50 पैसे से कम थी। उस वक्त सरकार ने कृषि ऋण का पुनर्गठन करते हुए पहले साल कर्ज का 12 फीसदी ब्याज भरने का निर्णय लिया था।
- बाकी के चार साल में छह फीसदी ब्याज भरने का भी ऐलान किया गया था। इस दौरान सूखे की स्थिति और विकट हो गई।
- सरकार अब तक 28,762 गांवों को सूखाग्रस्त घोषित कर चुकी है। इसमें रबी फसल के 1,091 गांव भी शामिल हैं।

Saturday, 21 May 2016

ऋषि कपूर ने गांधी परिवार पर फिर फोड़ा 'ट्वीट बम'

नई दिल्ली (जेएनएन)। अभिनेता ऋषि कपूर ने एक बार फिर गांधी परिवार पर हमला बोला है। उन्होंने अपने नए ट्वीट में दिल्ली का एक नक्शा पोस्ट करते हुए 64 ऐसे जगहों के नाम गिनाए हैंं, जो नेहरु-गांधी परिवार के नाम पर रखे गए हैं। ऋषि ने लिखा है, 'सोचिए सिर्फ दिल्ली में ही 64 मशहूर जगहों के नाम रखे गए हैंं, क्या आपको उन इससे पहले ऋषि ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया था कि देश की प्रमुख संपत्तियों और जगहों के नाम 'गांधी' के नाम पर ही क्यों रखे जाते हैं? क्यों नहीं इनके नाम भगत सिंह, आंबेडकर और उनके नाम पर रखे जाते हैं?

रणबीर कपूर की नई गर्लफ्रेंड का तो कहीं और चल रहा है चक्कर!

ऋषि ने एक ट्वीट में यह भी कहा था कि वह मुंबई की फिल्म सिटी का नाम भी बदलवाना चाहते हैं। उन्होंने लिखा, 'मुंबई फिल्म सिटी का नाम दिलीप कुमार, देव आनंद, अशोक कुमार या अमिताभ बच्चन के नाम पर भी रखा जा सकता है। गांधी उद्योग क्या होता है, सोचो दोस्तों?' गौरतलब है कि ऋषि सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते हैं और बेबाकी से हर समसामायिक मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं। गांधी परिवार पर किए गए ट्वीट को लेकर कांग्रेस पार्टी ऋषि की आलोचना कर चुकी है और उनके खिलाफ प्रदर्शन की भी खबर है। को याद करने की जरूरत है।'

बॉलीवुड के दबंग सलमान खान ने अपनी शादी को लेकर किया ट्वीट

मुंबई, प्रेट्र। बॉलीवुड के दबंग अभिनेता सलमान खान अपनी शादी को लेकर तस्वीर साफ करने के इरादे में नहीं हैं। एक बार फिर उन्होंने शादी के सवाल को टाल दिया। उन्होंने कहा कि वह जब भी शादी करेंगे, सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दे देंगे।

इन दिनों सलमान की शादी को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही हैं। अटकलों के मुताबिक, 50 वर्षीय अभिनेता 27 दिसंबर को अपने जन्मदिन पर गर्लफ्रेंड लूलिया वंतूर से शादी करने जा रहे हैं। इस संबंध में पत्रकारों के सवाल पर सलमान ने कहा, 'जब मैं शादी करना चाहूंगा, तब कर लूंगा। मैं आपको यह नहीं बताना चाहता कि मैं कब शादी करूंगा। जब मैं शादी करूंगा, मैं ट्वीट कर दूंगा और फेसबुक पर साझा कर दूंगा। यह मेरे और मेरे प्रशंसकों के बीच रहेगा।'

उल्लेखनीय है कि सलमान हाल में अपनी दोस्त और अभिनेत्री प्रीति जिंटा की शादी के रिसेप्शन में पहली बार सार्वजनिक तौर पर लूलिया के साथ दिखे थे। इसके अलावा लूलिया को मुंबई में हवाई अड्डे पर सलमान की मां सलमा और उनकी बहन अलवीरा के साथ भी देखा गया था।

भाभी जी घर पर नहीं कान में हैं, देखिए सौम्या टंडन का हॉट अवतार

अनुष्का शर्मा बोलीं, मैंने अपने होंठों को लेकर कुछ नहीं छिपाया!
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कॉमेडियन सुनील पाल की पत्नी से सिक्युरिटी गार्ड्स ने की छेड़छाड़


सांताक्रूज की हाई प्रोफाइल सोसायटी लीडो में रह रहे कॉमेडियन सुनील पाल की पत्नी सरिता से सिक्युरिटी गार्ड ने छेड़छाड़ कर बदसलूकी की। पुलिस ने सिविल मामला बताते हुए आपस में सुलझाने को कहा है।

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मुंबई। सांताक्रूज की हाई प्रोफाइल सोसायटी लीडो में रह रहे कॉमेडियन सुनील पाल की पत्नी सरिता से सिक्युरिटी गार्ड ने छेड़छाड़ कर बदसलूकी की। सरिता के मुताबिक उन्होंने इस संबंध में सांताक्रूज पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाही लेकिन पुलिस ने सिविल मामला बताते हुए आपस में सुलझाने को कहा है। सोसायटी में सुनील पाल पत्नी सरिता और दो बच्चों के साथ वर्ष 2007 से रह रहे हैं। दरअसल पाल का पिछले कुछ साल से सोसायटी के बिल्डर के साथ शेयर सर्टिफिकेट को लेकर विवाद चल रहा है। शेयर सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण सोसायटी के सेक्रेटरी उनसे सोसायटी का मेंटेनेस भी नहीं लेते। सेक्रेटरी उनसे बिल्डर के पास से एनओसी लेकर आने को कहता है।
सरिता ने बताया कि सोमवार को जब वह अपने लड़के को स्कूल से गाड़ी में लेकर वापस लौटी तो गार्ड्स ने गेट खोलने से इनकार कर दिया। सरिता ने जब उनसे गेट खोलने कहा तो गार्ड्स ने उनसे छेड़छाड़ की। सुनील फिलहाल मुंबई से बाहर हैं। इसलिए उन्होंने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस को मामले की जानकारी दी। दो पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और सभी को पुलिस स्टेशन ले गए। लेकिन सरिता ने जब पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करानी चाही तो पुलिस ने इनकार कर दिया। मामला आपस में सुलझाने को कहा। सरिता के मुताबिक मामला अदालत में है। सरिता का कहना है कि अब वे पुलिस आयुक्त और मुख्यमंत्री से मामले की शिकायत करेंगी।
सुनील पाल कॉमेडियन हैं। 2005 में द ग्रेटइंडियन लाफ्टर चैलेंज जीतने के बाद वे सुर्खियों में आए। पाल का जन्म वर्धा जिले के हिंगनघाट में हुआ है। रेलवे की नौकरी करने वाले पिताजी के तबादले के बाद वे मुंबई आ गए। पाल हिन्दी फिल्मों में काम करने के साथ साथ भावनाओं को समझो नामक फिल्म के डायरेक्टर और प्रोडूसर हैं।
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Friday, 20 May 2016

इवेंट में ऐश्वर्या से उखड़े-उखड़े दिखे अभिषेक, जमकर किया IGNORE

मुंबई: ब्रेकअप के इस सीजन में ऐसा लगता है कि ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के बीच कुछ ठीक नहीं चल रहा है। हालिया इवेंट में पहुंची जोड़ी के बीच जो हुआ, उसे देखकर लगता है कि अभिषेक किसी वजह से ऐश्वर्या को इग्नोर कर रहे हैं। मीडिया से बोले अभि- इन्हीं की फोटो ले लो...


अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, वृंदा राय, कृष्णराज राय और आदित्य राय, ऐश्वर्या की फिल्म 'सरबजीत' का प्रीमियर अटेंड करने पहुंचे। फैमिली फोटोज के बाद मीडिया ने ऐश्वर्या और अभिषेक को फोटो क्लिक करने के लिए अपील की। हालांकि, अभिषेक रिपोर्ट्स की बातों को इग्नोर करते दिखे। बाद में ऐश के पिता और भाई के कहने पर उन्होंने फोटो क्लिक करवाई। ऐश के साथ कुछ ही फोटोज क्लिक करवाने के बाद, अभिषेक यह बोलते हुए निकल गए कि 'इन्हीं की फोटो ले लो'। वैसे, दोनों के बीच क्या प्रॉब्लम हैं ये हम नहीं जानते हैं। बस उम्मीद है जल्द से जल्द इनका पैचअप हो जाए।

जिया खान की मां ने कोर्ट में लगाई गुहार, FBI की मदद से हो सुसाइड केस की जांच

मुंबई.  दिवंगत फिल्म अभिनेत्री जिया खान की मां ने फिर बाॅम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। राबिया ने मामले की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है। जांच में फेडरेल ब्यूरो आफ इनवेस्टीगेशन (एफबीआई) से सहयोग लेने का अनुरोध किया है।

- याचिका में राबिया ने दावा किया है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की है जबकि उसकी हत्या हुई है।
- इससे पहले सीबीआई ने मामले की जांच की थी और उसने जिया की मौत को आत्महत्या करार दिया था।

गौरतलब है कि 3 जून 2013 को जिया की कथित आत्महत्या का मामला सामने अाया था।
- पुलिस ने इस मामले में फिल्म अभिनेता आदित्य पंचोली के बेटे सूरज को गिरफ्तार किया था।
- निचली अदालत में इस मामले की सुनवाई चल रही है। 

रेप केस में सिंगर अंकित तिवारी ने लगाई थी अर्जी, कोर्ट ने किया फैसला सुरक्षित

मुंबई.  रेप के आरोप में विवादो में घिरे गायक अंकित तिवारी की ओर से किए गए उस आवेदन पर सत्र न्यायालय ने फैसला सुरक्षित कर लिया है, जिसमें तिवारी ने खुद को आरोप मुक्त करने की मांग की है। न्यायाधीश केएश शेंडे ने मामले से जुड़े दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रखा लिया।


आवेदन में तिवारी ने दावा किया था कि जिस महिला ने उनके खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई है उसके साथ उन्होंने सहमति से संबंध बनाए थे। इसलिए यह मामला दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं आता है।

तिवारी के वकील ने महेश वासवानी ने कहा कि शिकायतकर्ता ने अपने बयान में मेरे मुवक्किल पर जो आरोप लगाए है, वह एफआईआर में लगाए गए आरोपों से मेल नहीं खाते हैं।

बेल के लिए छगन ने तो बेटे पंकज ने गिरफ्तारी से बचने लगाई अर्जी

मुंबई. महाराष्ट्र सदन घोटाला व मनी लॉन्डरिंग मामले में गिरफ्तार पूर्व उपमुख्यमंत्री छगन भुजबल ने गुरुवार को जमानत के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में अर्जी लगाई है। जबकि बेटे पंकज ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। निचली अदालत ने पंकज के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया है।


- वहीं, पिछले दिनों स्पेशल कोर्ट ने भुजबल की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। भुजबल ने स्वास्थ्य का हवाला देकर जमानत का अुनरोध किया है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हो सकती है।
- इससे पहले पंकज ने गैरजमानती वारंट निरस्त करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।  पर राहत नहीं मिली।
- सुप्रीम कोर्ट ने पंकज को हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था। लिहाजा पंकज ने यह याचिका दायर की है।
- इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है। मामले में भुजबल के अलावा बेटे पंकज व भतीजे समीर भी आरोपी हैं।