नागपुर. विदर्भ में 35 से अधिक स्थानों पर होने वाले नगर परिषद चुनाव में भाजपा-शिवसेना की युति खतरे में नजर आ रही है। पहले चरण का नामांकन पत्र दाखिल करने का शनिवार को अंतिम दिन है। लेकिन जो तस्वीर उभर कर आ रही है, उसमें साफ नजर आ रहा है कि भाजपा-शिवसेना के प्रत्याशी मैदान में डटे रहेंगे। दोनों दलों के प्रमुख नेताओं का कहना है कि युति की घोषणा करने में देर हुई है।
- अधिकतर इच्छुक प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने की तैयारी पहले से कर रखी है। अंतिम समय पर मैदान से पीछे हटने की किसी भी प्रत्याशी की मानसिकता नहीं है।
- वैसे भी स्थानीय स्तर पर युति करने का फैसला लेने का अधिकार जिले के नेताओं को होने से युति अब केवल कागजों पर ही होगी।
- वर्धा, हिंगणघाट, आर्वी, देवली तथा सिंदी रेलवे नगर परिषद में नगराध्यक्ष तथा प्रभागों की सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन हो गया है।
- वहीं यवतमाल नगर पालिका में शिवसेना पहले ही नगराध्यक्ष पद का टिकट पूर्व नगराध्यक्ष बालासाहब चौधरी की पत्नी कांचन चौधरी को देने की घोषणा कर चुकी है।
- यह घोषणा कांचन के पार्टी में प्रवेश के मौके पर ही कर दी गई।
- शिवसेना की ओर से आज जारी बयान के अनुसार वे नगराध्यक्ष पद के लिए शनिवार को अपना नामांकन भी दाखिल करेंगी।
- जबकि भाजपा की ओर से नगराध्यक्ष व नगरसेवक उमीदवारों के नाम तय होने के बावजूद नामों पर गोपनीयता बरकरार रखी गई है।
- अमरावती में भी दोनों प्रमुख दलों की युति व घोषित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
- अधिकतर इच्छुक प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ने की तैयारी पहले से कर रखी है। अंतिम समय पर मैदान से पीछे हटने की किसी भी प्रत्याशी की मानसिकता नहीं है।
- वैसे भी स्थानीय स्तर पर युति करने का फैसला लेने का अधिकार जिले के नेताओं को होने से युति अब केवल कागजों पर ही होगी।
- वर्धा, हिंगणघाट, आर्वी, देवली तथा सिंदी रेलवे नगर परिषद में नगराध्यक्ष तथा प्रभागों की सीटों के लिए उम्मीदवारों का चयन हो गया है।
- वहीं यवतमाल नगर पालिका में शिवसेना पहले ही नगराध्यक्ष पद का टिकट पूर्व नगराध्यक्ष बालासाहब चौधरी की पत्नी कांचन चौधरी को देने की घोषणा कर चुकी है।
- यह घोषणा कांचन के पार्टी में प्रवेश के मौके पर ही कर दी गई।
- शिवसेना की ओर से आज जारी बयान के अनुसार वे नगराध्यक्ष पद के लिए शनिवार को अपना नामांकन भी दाखिल करेंगी।
- जबकि भाजपा की ओर से नगराध्यक्ष व नगरसेवक उमीदवारों के नाम तय होने के बावजूद नामों पर गोपनीयता बरकरार रखी गई है।
- अमरावती में भी दोनों प्रमुख दलों की युति व घोषित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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