मुंबई के पश्चिम उपनगरों में बड़ी संख्या में मध्यम और उच्च मध्यम परिवार रहते हैं। चेन स्नेचरों को यह जगह झपटमारी के लिए सबसे मुफीद लगती है। झपटमारी कर भागने वालों को पकडऩे में अक्सर पुलिस नाकाम रहती है।
बदलाव कर बढ़ाते हैं स्पीड
पुलिस ने इसकी वजह खोजनी शुरू की तो पता चला कि झपटमार जिन मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल करते हैं उनमें तेज रफ्तार चलाने के लिए बदलाव किए जाते हैं। पुलिस को मिलने वाली साधारण मोटरसाइकिलें उनका मुकाबला नहीं कर सकतीं।
मामले घटे
पुलिस की इस रणनीति का असर भी हो रहा है। वर्ष 2014 के पहले सात महीनों में बोरिवली इलाके में चेन स्नेचिंग के 51 मामले सामने आए थे । जबकि इस साल इनकी संख्या घटकर केवल 15 रह गई है। युवकों की मदद लेने के साथ-साथ पुलिस बुजुर्गों और महिलाओं को जागरूक करने और गस्त बढ़ाने पर भी जोर दे रही है। आला अधिकारियों का कहना है कि चेन स्नेचिंग की घटनाओं में कमी इन सभी उपायों का मिलाजुला असर है।
50 बाइकर्स की ले रही मदद
पुलिस ने इलाके के करीब 50 बाइकर्स को झपटमारों पर नजर रखने और पकडऩे के लिए अपने साथ जोड़ा है। पुुलिस ने जिन युवकों की मदद ली है उनमें से 25 के पास मोटरसाइकिल है जबकि बाकी 25 उनके साथ रहते हैं। पुलिस की मदद कर रहे सभी युवक पुलिस के साथ उन ठिकानों पर खड़े रहते हैं। जहां चेन स्नेचिंग की घटनाएं ज्यादा होतीं है। इनके पास इलाके के कुख्यात झपटमारों की तस्वीरें भी होती हैं। इससे उन्हें पहचानने में आसानी हो।
छात्रों की बहादुरी से महिला को मिली चेन
चार छात्रों की बहादुरी के चलते न सिर्फ एक महिला की सोने की चेन वापस मिली बल्की आरोपी को भी हवालात पहुंचा दिया गया। घटना चेंबूर इलाके के लोखंडे मार्ग की है। दिलेरी दिखाने वाले नवीं कक्षा के चारों छात्रों का पुलिस के साथ-साथ स्कूल ने भी सम्मान किया है। गोवंडी इलाके में रहने वाली नीता कांबले ऑफिस जाने के लिए निकलीं थीं। इसी दौरान आरोपी अशरफ शेख नीता की सोने की चेन खींचकर भाग निकला। नीता चोर-चोर चिल्लाने लगी।
तभी स्कूल जा रहे अजय पाटील, विजय पाटील, सलमान खान और अनिल साठे ने आरोपी का पीछा कर शेख को धर दबोचा। तब तक आसपास के लोग भी इकठ्ठा हो गए। लोगों की मदद से छात्र आरोपी शेख को तिलकनगर बीट चौकी ले गए। जहां शेख के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
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