नागपुर. पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में प्रश्नपत्र में गड़बड़ी किए जाने की आशंका के चलते मंगलवार को एक बार फिर परीक्षा रद्द कर दी गई। परीक्षार्थियों का आरोप है कि इस बार पेपर फिक्सिंग की सेंटिंग की गई थी।
इस मामले को लेकर सैकड़ों परीक्षार्थी पुलिस आयुक्तालय पहुंचे तथा आयुक्त शारदा प्रसाद यादव व सहपुलिस आयुक्त राजवर्धन से मुलाकात की। परीक्षार्थियों की नारेबाजी, रास्ता रोको आंदोलन की कोशिश के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस आयुक्त ने नाराज परीक्षार्थियों को अपने कक्ष में बुलाकर उन्हें समझाया। करीब 4 घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई। बता दें कि पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा तीन से चार बार रद्द हो चुकी है। अगली लिखित परीक्षा अब 27 मई को पुलिस मुख्यालय मैदान पर सुबह 7 बजे परीक्षा होगी। पुलिस भर्ती के लिए मैदान पर ली गई शारीरिक जांच परीक्षा व अन्य प्रक्रिया में सफल 3 हजार पात्र परीक्षार्थियों को मंगलवार की सुबह पुलिस लाइन टाकली मैदान पर लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया था।
राज्य के कोने-कोेने से पात्र परीक्षार्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे। सुबह करीब 7 बजे लिखित परीक्षा शुरू हुई। ए, बी, सी, डी सहित चार स्वरूप में प्रश्नपत्रिका तैयार की गई थी। उत्तर के लिए चार विकल्प दिए गए थे। 10 बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे परीक्षार्थी पुलिस मुख्यालय के मैदान पर जमा होने लगे। सुबह करीब 10 बजे एक दूसरे से चर्चा करते समय कौन सा उत्तर सही और कौन सा गलत है, इस बारे में वे एक दूसरे से पूछताछ कर रहे थे।
प्रश्न पत्रिका के बी सेट में उत्तर के लिए चार विकल्प दिए गए थे। उसमें एक विकल्प कुछ फीकी छपाई होने की बात परीक्षार्थियों के ध्यान में आई। फीकी छपाई वाली जगह पर दिए गए सभी प्रश्नों के विकल्प सही उत्तर थे। परीक्षार्थियों को संदेह हुआ कि यह कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए जान-बूझकर किया गया है। परीक्षार्थियों को लगा कि यह मामला पेपर फिक्सिंग का हो सकता है।
यह बात पुलिस अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए परीक्षार्थी उनके पास पहुंचे और घपलेबाजी की आशंका के चलते पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे। परीक्षा प्रमुख श्रीकांत तरवडे को जब यह बात पता चली तब परीक्षार्थियों की गलतफहमी होने की बात कहकर वे उन्हें समझाने की कोशिश करने लगे। उनकी बात कोई परीक्षार्थी सुनने को तैयार नहीं था। वहां पर नारेबाजी शुरू हो गई। रास्ता रोको आंदोलन करने की कोशिश के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पता चलते ही पुलिस आयुक्त शारदा प्रसाद यादव ने परीक्षार्थियों को अपने कार्यालय में बुलाया और जांच का आश्वासन दिया।
मंगलवार की दोपहर करीब 12.30 बजे के दरमियान लगभग 300 परीक्षार्थी पुलिस आयुक्तालय के सामने पहुंचे और नारेबाजी करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस आयुक्त यादव ने 25 परीक्षार्थियों के एक दल को अपने कक्ष में बुलाया। उन्होंने परीक्षार्थियों की लिखित शिकायत ली और उसके बाद उनकी बातों को सुना। उसके बाद पुलिस आयुक्त ने उन्हें लिखित परीक्षा रद्द करने का आश्वासन दिया।
पुलिस आयुक्त ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सभी उत्तर के विकल्प फीकी छपाई के कारण दिखाई पड़ रहे होेंगे। यह एक संयोग हो सकता है। उन्होंने यह गलती है, इस बात को भी मान्य किया। इस कार्य के लिए कौन अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार हैं, इसकी जांच की जाएगी। प्रत्येक समूह में 370 परीक्षार्थियों को बैठाया गया था। ए, बी, सी, डी में से कौन सा सेट किसके हाथ में जाएगा, इस बारे में किसी को कोई कल्पना नहीं थी।
इसलिए इसमें पेपर फिक्सिंग होने की बात से उन्होंने इनकार किया है। पता चलते ही शहर कांग्रेस कमिटी, पश्चिम नागपुर युवक कांग्रेस के प्रभारी युगल किशोर विदावत, प्रदेश युवक कांग्रेस प्रवक्ता धीरज पांडे, शहर सचिव आनंद तिवारी, सतिश पाली व अन्य उपस्थित थे।
गलती हुई है
अपराध शाखा पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्र परिषद में उपायुक्त रंजनकुमार शर्मा और दीपाली मासिरकर ने यह बात मान्य किया है कि कहीं न कहीं इस बार भी गलती हुई है। रंजन कुमार शर्मा और दीपाली मासिरकर ने इस बार भी इस गलती के लिए तकनीकी समस्या ही बताई। यह परीक्षा चौथी बार रद्द की गई है, इस सवाल के जबाब पर दोनों अधिकारियों ने कहा कि छानबीन शुरू है।
प्रश्न-पत्रों को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बकायदा छानबीन कर उसे सील लगाकर बंद किया गया। फिर बी सेट में कैसे घपलेबाजी हो गई, इस सवाल पर दोनों अधिकारियों ने कहा कि पुलिस महासंचालक कार्यालय को सूचित कर दिया गया है। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले को लेकर सैकड़ों परीक्षार्थी पुलिस आयुक्तालय पहुंचे तथा आयुक्त शारदा प्रसाद यादव व सहपुलिस आयुक्त राजवर्धन से मुलाकात की। परीक्षार्थियों की नारेबाजी, रास्ता रोको आंदोलन की कोशिश के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस आयुक्त ने नाराज परीक्षार्थियों को अपने कक्ष में बुलाकर उन्हें समझाया। करीब 4 घंटे बाद स्थिति सामान्य हुई। बता दें कि पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा तीन से चार बार रद्द हो चुकी है। अगली लिखित परीक्षा अब 27 मई को पुलिस मुख्यालय मैदान पर सुबह 7 बजे परीक्षा होगी। पुलिस भर्ती के लिए मैदान पर ली गई शारीरिक जांच परीक्षा व अन्य प्रक्रिया में सफल 3 हजार पात्र परीक्षार्थियों को मंगलवार की सुबह पुलिस लाइन टाकली मैदान पर लिखित परीक्षा के लिए बुलाया गया था।
राज्य के कोने-कोेने से पात्र परीक्षार्थी लिखित परीक्षा में शामिल हुए थे। सुबह करीब 7 बजे लिखित परीक्षा शुरू हुई। ए, बी, सी, डी सहित चार स्वरूप में प्रश्नपत्रिका तैयार की गई थी। उत्तर के लिए चार विकल्प दिए गए थे। 10 बजे परीक्षा समाप्त होने के बाद धीरे-धीरे परीक्षार्थी पुलिस मुख्यालय के मैदान पर जमा होने लगे। सुबह करीब 10 बजे एक दूसरे से चर्चा करते समय कौन सा उत्तर सही और कौन सा गलत है, इस बारे में वे एक दूसरे से पूछताछ कर रहे थे।
प्रश्न पत्रिका के बी सेट में उत्तर के लिए चार विकल्प दिए गए थे। उसमें एक विकल्प कुछ फीकी छपाई होने की बात परीक्षार्थियों के ध्यान में आई। फीकी छपाई वाली जगह पर दिए गए सभी प्रश्नों के विकल्प सही उत्तर थे। परीक्षार्थियों को संदेह हुआ कि यह कुछ लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए जान-बूझकर किया गया है। परीक्षार्थियों को लगा कि यह मामला पेपर फिक्सिंग का हो सकता है।
यह बात पुलिस अधिकारियों के ध्यान में लाने के लिए परीक्षार्थी उनके पास पहुंचे और घपलेबाजी की आशंका के चलते पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा रद्द करने की मांग करने लगे। परीक्षा प्रमुख श्रीकांत तरवडे को जब यह बात पता चली तब परीक्षार्थियों की गलतफहमी होने की बात कहकर वे उन्हें समझाने की कोशिश करने लगे। उनकी बात कोई परीक्षार्थी सुनने को तैयार नहीं था। वहां पर नारेबाजी शुरू हो गई। रास्ता रोको आंदोलन करने की कोशिश के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। पता चलते ही पुलिस आयुक्त शारदा प्रसाद यादव ने परीक्षार्थियों को अपने कार्यालय में बुलाया और जांच का आश्वासन दिया।
मंगलवार की दोपहर करीब 12.30 बजे के दरमियान लगभग 300 परीक्षार्थी पुलिस आयुक्तालय के सामने पहुंचे और नारेबाजी करने लगे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस आयुक्त यादव ने 25 परीक्षार्थियों के एक दल को अपने कक्ष में बुलाया। उन्होंने परीक्षार्थियों की लिखित शिकायत ली और उसके बाद उनकी बातों को सुना। उसके बाद पुलिस आयुक्त ने उन्हें लिखित परीक्षा रद्द करने का आश्वासन दिया।
पुलिस आयुक्त ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि सभी उत्तर के विकल्प फीकी छपाई के कारण दिखाई पड़ रहे होेंगे। यह एक संयोग हो सकता है। उन्होंने यह गलती है, इस बात को भी मान्य किया। इस कार्य के लिए कौन अधिकारी-कर्मचारी जिम्मेदार हैं, इसकी जांच की जाएगी। प्रत्येक समूह में 370 परीक्षार्थियों को बैठाया गया था। ए, बी, सी, डी में से कौन सा सेट किसके हाथ में जाएगा, इस बारे में किसी को कोई कल्पना नहीं थी।
इसलिए इसमें पेपर फिक्सिंग होने की बात से उन्होंने इनकार किया है। पता चलते ही शहर कांग्रेस कमिटी, पश्चिम नागपुर युवक कांग्रेस के प्रभारी युगल किशोर विदावत, प्रदेश युवक कांग्रेस प्रवक्ता धीरज पांडे, शहर सचिव आनंद तिवारी, सतिश पाली व अन्य उपस्थित थे।
गलती हुई है
अपराध शाखा पुलिस कार्यालय में आयोजित पत्र परिषद में उपायुक्त रंजनकुमार शर्मा और दीपाली मासिरकर ने यह बात मान्य किया है कि कहीं न कहीं इस बार भी गलती हुई है। रंजन कुमार शर्मा और दीपाली मासिरकर ने इस बार भी इस गलती के लिए तकनीकी समस्या ही बताई। यह परीक्षा चौथी बार रद्द की गई है, इस सवाल के जबाब पर दोनों अधिकारियों ने कहा कि छानबीन शुरू है।
प्रश्न-पत्रों को वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बकायदा छानबीन कर उसे सील लगाकर बंद किया गया। फिर बी सेट में कैसे घपलेबाजी हो गई, इस सवाल पर दोनों अधिकारियों ने कहा कि पुलिस महासंचालक कार्यालय को सूचित कर दिया गया है। जांच के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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