इनविटेशन कार्ड पर नाम न लिखने पर IIM डायरेक्टर का गडकरी को माफीनामा
नागपुर. शान-बान के साथ उद्घाटित हुए नागपुर आईआईएम के साथ एक और अध्याय जुड़ गया। हालांकि यह शान नहीं, बल्कि केंद्रीय मंत्री के सम्मान के साथ खिलवाड़ का मामला है। निमंत्रण पत्रिका में केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी का नाम भारतीय प्रबंध संस्था (आईआईएम) अहमदाबाद के निदेशक आशीष नंदा के नीचे रखा गया था। इसमें राजशिष्टाचार का सरासर उल्लंघन हुआ। इस अ-सम्मान से आहत केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस समारोह में जाना टाल दिया। इसे लेकर खूब बवाल मचा। गडकरी कार्यालय ने संसद सत्र में निदेशक के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की चेतावनी दी। इस चेतावनी से आईआईएम अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
जिसके बाद आईआईएम अहमदाबाद के निदेशक श्री नंदा ने सोमवार को केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी को पत्र लिखकर माफी मांगी है। माफीनामा में नंदा ने चीन दौरे और कार्यक्रम के लिए कम समय मिलने का भी कारण दिया। हालांकि इस पत्र पर गडकरी कार्यालय से अब तक कोई जवाब नहीं मिला। नागपुर आईआईएम पूरी क्षमता से शुरू होने तक इसकी जिम्मेदारी आईआईएम अहमदाबाद पर सौंपी गई है।
अहमदाबाद के संस्था व्यवस्थापक ने नागपुर में उद्घाटन समारोह का पहला निमंत्रण ई-मेल पर भेजा था। उसमें गडकरी का नाम नहीं था। यह ध्यान में लाने के बाद संस्था ने नये सिरे से निमंत्रण भेजा, लेकिन उसमें गडकरी के नाम का उल्लेख आईआईएम के निदेशक के बाद किया गया। गडकरी को भाषण के लिए 10 मिनट का समय दिया गया।
विशेष यह कि गडकरी तक यह निमंत्रण प्रक्रिया से पहुंचा ही नहीं। इस अपमानजनक व्यवहार से गडकरी खासे संतप्त दिखे। आखिरकार उन्होंने रविवार को आईआईएम के उद्घाटन समारोह में जाना टाल दिया। गडकरी की यह नाराजगी तब खुलकर सामने आयी, जब सूत्रों ने आईआईएम निदेशक को विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने की चेतावनी दी। इस बवाल मचने के बाद आखिरकार आशीष नंदा को सोमवार को गडकरी से माफी मांगी। इस संबंध में उन्हें पत्र लिखा।

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