जेल से बाहर नहीं पहुंच सकी याकूब की आखिरी मर्सी पिटीशन
नागपुर/ मुंबई. मुंबई सीरियल ब्लास्ट दोषी याकूब मेमन को सेंट्रल जेल में गुरुवार सुबह फांसी दे दी गई। उसका अंतिम संस्कार मुंबई में किया गया। इससे पहले याकूब के बचाव में दिल्ली में देर रात तक प्रयास होता रहा। फांसी के करीब दो घंटा पहले तक याकूब को बचाने का प्रयास हुआ। अंतत: सुप्रीम कोर्ट में आखिरी कोशिश भी कोई काम नहीं आई।
जेल सूत्रों के मुताबिक रात 11 बजे राष्ट्रपति द्वारा याकूब की मर्सी
पिटीशन खारिज कर दिए जाने के बाद याकूब ने अपने हाथों से एक और मर्सी
पिटीशन लिखी थी, जिसे उसने जेल के एक जवान को अफसर तक पहुंचाने के लिए कहा
था। लेकिन जब तक जेल के बाहर मर्सी पिटीशन पहुंचती तब तक याकूब को फांसी हो
चुकी थी।
रात भर जगे रहे सीएम देवेन्द्र फड़णवीस
याकूब की फांसी को लेकर रातभर चली खींचतान ने महाराष्ट्र के सीएम
देवेन्द्र फड़णवीस की भी नींद उड़ा रखी थी। याकूब को फांसी पर लटकाए जाने तक
सीएम फड़णवीस अपने स्टाफ के साथ जगे रहे। वे लगातार सोशल मीडिया पर नज़र जमाए
हुए थे। उन्होंने कई भड़काऊ कमेंट्स को भी डिलीट करवाए।

No comments:
Post a Comment