मुंबई. शहरों में रहने वाले भारतीय बच्चों को पिछले साल हर महीने करीब 555 रुपए की पॉकेट मनी मिली, जबकि 2012 में औसतन 275 रुपए ही मिलते थे। पॉकेट मनी देने के मामले में ज्यादातर अभिभावक बेटे-बेटियों में फर्क नहीं करते, लेकिन लड़कों के मुकाबले लड़कियां पॉकेट मनी बचाने में आगे हैं। यह खुलासा एक सर्वे में हुआ है।
हैरानी की बात ये है कि खर्च के हिसाब से भारतीय बच्चों के हाथ में जितना पैसा होता है वह भूटान, मालदीव जैसे 50 छोटे देशों की जीडीपी से ज्यादा है। टर्नर कंपनी ने शहरों में रहने वाले 7 से 13 साल और 4 से 14 साल के बच्चों के अभिभावकों के बीच यह सर्वे कराया।
इसके मुताबिक, पॉकेट मनी का करीब 50 फीसदी बच्चे बचा लेते हैं। देश में बच्चों की वार्षिक खर्च क्षमता करीब 22,594 करोड़ रुपए है। बच्चे अपने अधिकांश पैसे कपड़े, जूते, जंक फूड व खिलौने पर खर्च करते हैं।
सर्वे में क्या है खास
- 64 फीसदी बच्चे साफ सफाई को लेकर सजग।
- अंग्रेजी विषय पर अभिभावक देते हैं खास ध्यान।
- सलमान खान व कैटरीना कैफ बच्चों में सबसे लोकप्रिय।
- सचिन तेंडुलकर और सानिया मिर्जा पसंदीदा खिलाड़ी।
- छोटा भीम पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर।
- सुपरहीरो की शक्तियां मिले तो 27 फीसदी दूर करेंगे गरीबी।
94 फीसदी अभिभावक करते हैं निगरानी
सर्वे में यह भी साफ हुआ है कि 25 फीसदी बच्चे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। फेसबुक बच्चों का पसंदीदा सोशल नेटवर्किग साइट है। 54 फीसदी बच्चे अपने अभिभावकों और 46 फीसदी अपने अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि, 94 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों की सोशल नेटवर्किंग साइट की गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं। पढ़ाई के अलावा दूसरे शौक पूरे करने के लिए भी अब अभिभावक बच्चों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। बच्चों का झुकाव उत्तर भारत में डांस व क्रिकेट, दक्षिण भारत में वाद्ययंत्र और पूर्वी भारत में चित्रकला की ओर है।
हैरानी की बात ये है कि खर्च के हिसाब से भारतीय बच्चों के हाथ में जितना पैसा होता है वह भूटान, मालदीव जैसे 50 छोटे देशों की जीडीपी से ज्यादा है। टर्नर कंपनी ने शहरों में रहने वाले 7 से 13 साल और 4 से 14 साल के बच्चों के अभिभावकों के बीच यह सर्वे कराया।
इसके मुताबिक, पॉकेट मनी का करीब 50 फीसदी बच्चे बचा लेते हैं। देश में बच्चों की वार्षिक खर्च क्षमता करीब 22,594 करोड़ रुपए है। बच्चे अपने अधिकांश पैसे कपड़े, जूते, जंक फूड व खिलौने पर खर्च करते हैं।
सर्वे में क्या है खास
- 64 फीसदी बच्चे साफ सफाई को लेकर सजग।
- अंग्रेजी विषय पर अभिभावक देते हैं खास ध्यान।
- सलमान खान व कैटरीना कैफ बच्चों में सबसे लोकप्रिय।
- सचिन तेंडुलकर और सानिया मिर्जा पसंदीदा खिलाड़ी।
- छोटा भीम पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर।
- सुपरहीरो की शक्तियां मिले तो 27 फीसदी दूर करेंगे गरीबी।
94 फीसदी अभिभावक करते हैं निगरानी
सर्वे में यह भी साफ हुआ है कि 25 फीसदी बच्चे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। फेसबुक बच्चों का पसंदीदा सोशल नेटवर्किग साइट है। 54 फीसदी बच्चे अपने अभिभावकों और 46 फीसदी अपने अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि, 94 फीसदी अभिभावक अपने बच्चों की सोशल नेटवर्किंग साइट की गतिविधियों पर निगरानी रखते हैं। पढ़ाई के अलावा दूसरे शौक पूरे करने के लिए भी अब अभिभावक बच्चों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। बच्चों का झुकाव उत्तर भारत में डांस व क्रिकेट, दक्षिण भारत में वाद्ययंत्र और पूर्वी भारत में चित्रकला की ओर है।

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